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हाई बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° में चाय पीना चाहिठया नहीं?
हाई बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° में चाय पीना चाहिठया नहीं, इसका जवाब है, हां हाई बीपी में चाय पी सकते हैं। दरअसल, रिसरà¥à¤š से पता चला है कि हाई बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° में चाय पी सकते है। हालांकि, कौन सी चाय हाई बीपी के लिठअचà¥à¤›à¥€ है, ये हम आपको आगे बता रहे हैं। इसलिठलेख से जà¥à¥œà¥‡ रहें।
कà¥à¤¯à¤¾ दूध से बनी चाय हाई बीपी में पी सकते हैं?
दूध वाली चाय को हाई बीपी वाले वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को पीने से बचना चाहिà¤à¥¤ दूध को सेपरेट पीते हैं तो वह सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ के लिठलाà¤à¤¦à¤¾à¤¯à¤• होता है। चाय में होल मिलà¥à¤•/दूध को शामिल करने से कोलेसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‰à¤² और सैचà¥à¤°à¥‡à¤Ÿà¥‡à¤¡ फैट बढ़ सकता है, जो आपकी आरà¥à¤Ÿà¤°à¥€à¤œ को संकà¥à¤šà¤¿à¤¤ कर सकता है, जिससे बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° का लेवल बॠसकता है।
इसके अलावा, चाय, विशेष रूप से काली और हरी चाय की किसà¥à¤®à¥‹à¤‚ में à¤à¤¸à¥‡ यौगिक होते हैं जो à¤à¤‚टीऑकà¥à¤¸à¤¿à¤¡à¥‡à¤‚ट के रूप में कारà¥à¤¯ करते हैं और अनà¥à¤¯ लाà¤à¥‹à¤‚ के साथ रकà¥à¤¤à¤šà¤¾à¤ª और कोलेसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‰à¤² के सà¥à¤¤à¤° को कम करने में मदद कर सकते हैं। कà¥à¤› अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨à¥‹à¤‚ से पता चलता है कि चाय में दूध मिलाने से इन यौगिकों की गतिविधि बाधित हो सकती है। इसलिठदूध वाली चाय पीने से बचें। हालांकि, कà¥à¤› अनà¥à¤¯ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ ने विपरीत पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ देखा है। à¤à¤¸à¥‡ में इसे लेकर मिलीजà¥à¤²à¥€ पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ है।
आप दूध वाली चाय की जगह पर बà¥à¤²à¥ˆà¤• टी, गà¥à¤°à¥€à¤¨ टी, हिबिसà¥à¤•स टी या ओलॉनà¥à¤— टी पी सकते हैं। अगर आपको दूध वाली चाय पीनी à¤à¥€ है, तो बेहतर है लो फैट या फैट फà¥à¤°à¥€ दूध से बनी चाय पीà¤à¤‚।
हाई बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° के लिठकिस तरह की चाय अचà¥à¤›à¥€ होती है?
कà¥à¤¯à¤¾ चाय हाई बीपी के लिठअचà¥à¤›à¥€ है, आपको इस सवाल का जवाब तो मिल ही गया है। अब सवाल ये है कि बीपी मै कौन सी चाय पीना चाइये? तो नीचे कà¥à¤› बेहतरीन और हेलà¥à¤¦à¥€ चाय के बारे में बताया गया है जो हाई बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° को मैनेज करने में मदद कर सकती हैं।
1.बà¥à¤²à¥ˆà¤• टी (Black Tea)
बà¥à¤²à¥ˆà¤• टी कैमेलिया साइनेंसिस (Camellia sinensis) की सूखी और पूरी तरह से ऑकà¥à¤¸à¥€à¤•ृत पतà¥à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ से बनाई जाती है। बà¥à¤²à¥ˆà¤• टी में कैटेचिन और पॉलीफेनोल जैसे à¤à¤‚टीऑकà¥à¤¸à¥€à¤¡à¥‡à¤‚ट आपकी आरà¥à¤Ÿà¤°à¥€à¤œ को फैला सकते हैं, जो आपके बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° लेवलà¥à¤¸ को कम कर सकते हैं।
2.गà¥à¤°à¥€à¤¨ टी (Green Tea)
गà¥à¤°à¥€à¤¨ टी बà¥à¤²à¥ˆà¤• टी के समान कैमेलिया साइनेंसिस की पतà¥à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ से बनाई जाती है, लेकिन बà¥à¤²à¥ˆà¤• टी की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में पतà¥à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ का ऑकà¥à¤¸à¥€à¤•रण और पà¥à¤°à¤¸à¤‚सà¥à¤•रण (processing) कम होता है। इस पà¥à¤°à¤•ार, वे अपने हरे रंग और उचà¥à¤š मातà¥à¤°à¤¾ में कैटेचिन को बरकरार रखते हैं, जो à¤à¤‚टीऑकà¥à¤¸à¤¿à¤¡à¥‡à¤‚ट और à¤à¤¸à¥€à¤ˆ अवरोधक (ACE inhibitor) à¤à¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤µà¤¿à¤Ÿà¥€ पà¥à¤°à¤¦à¤°à¥à¤¶à¤¿à¤¤ करते हैं। गà¥à¤°à¥€à¤¨ टी की हाइपोटेंसिव à¤à¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤µà¤¿à¤Ÿà¥€ का à¤à¥€ यही कारण है। बता दें, à¤à¤¸à¥€à¤ˆ अवरोधक (ACE inhibitor), à¤à¤• तरह की दवा है, जो नसों और धमनियों को आराम देकर हाई बीपी को कम करती है।
3.ओलॉनà¥à¤— टी (Oolong Tea)
ओलॉनà¥à¤— टी à¤à¥€ कैमेलिया साइनेंसिस की पतà¥à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ से बनाई जाती है, लेकिन इसमें पतà¥à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को सà¥à¤–ाने से पहले कà¥à¤°à¤¶ यानी कà¥à¤šà¤²à¤¾ नहीं जाता है, ताकि वे पूरà¥à¤£ ऑकà¥à¤¸à¥€à¤•रण से न गà¥à¤œà¤°à¥‡à¤‚। बà¥à¤²à¥ˆà¤• टी की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में ओलॉनà¥à¤— टी में हाई लेवलà¥à¤¸ के à¤à¤‚टीऑकà¥à¤¸à¤¿à¤¡à¥‡à¤‚ट और कैटेचिन होते हैं, और इस पà¥à¤°à¤•ार यह आपकी धमनियों की मांसपेशियों को आराम पहà¥à¤‚चाने में अधिक पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¥€ होते हैं।
4.गà¥à¥œà¤¹à¤² की चाय (Hibiscus Tea)
हिबिसà¥à¤•स टी को हिबिसà¥à¤•स रोजा-सिनेंसिस (Hibiscus rosa-sinensis) या हिबिसà¥à¤•स सबदरिफा (Hibiscus sabdariffa) की पंखà¥à¤¡à¤¼à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को पानी में उबाल कर बनाया जाता है। हिबिसà¥à¤•स फूल à¤à¤‚थोसायनिन नामक à¤à¤‚टीऑकà¥à¤¸à¤¿à¤¡à¥‡à¤‚ट से à¤à¤°à¤ªà¥‚र होते हैं, जो à¤à¤‚डोथेलियल सेल डैमेज, बीपी को और à¤à¤²à¤¡à¥€à¤à¤² (low-density lipoprotein or bad cholesterol) कोलेसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‰à¤² के लेवलà¥à¤¸ को कम करके हृदय रोग के जोखिम को कम कर सकता है।
यदि आप हाई बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° के लिठकोई दवाई ले रहे हैं, तो हिबिसà¥à¤•स चाय पीने से पहले अपने डॉकà¥à¤Ÿà¤° से परामरà¥à¤¶ कर लें, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि बीपी दवाई और चाय की कंबाइन रिà¤à¤•à¥à¤¶à¤¨ आपके बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° को बहà¥à¤¤ कम कर सकता है।
5.नीबू की चाय (Lemon Tea)
अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨à¥‹à¤‚ से पता चला है कि नींबू में मौजूद फà¥à¤²à¥‡à¤µà¥‹à¤¨à¥‹à¤‡à¤¡à¥à¤¸ और बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° कम करने के गà¥à¤£ आपके बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° को कम करने में मदद कर सकते हैं। इससे हृदय सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ à¤à¥€ बेहतर हो सकता है। इसको बनाना à¤à¥€ आसान है। बà¥à¤²à¥ˆà¤• टी बनायें और ऊपर से अपने सà¥à¤µà¤¾à¤¦ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° नीबू का रस डाल कर मिला लें और गरà¥à¤®-गरà¥à¤® लेमन टी का आनंद लें।
हाई बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° वालों के लिठचाय के कà¥à¤¯à¤¾ फायदे हैं?
बहà¥à¤¤ से लोगों के मन में ये सवाल आता है कि कà¥à¤¯à¤¾ चाय रकà¥à¤¤à¤šà¤¾à¤ª बढ़ाती है? तो आपको बता दें कि चाय उन ततà¥à¤µà¥‹à¤‚ से à¤à¤°à¤ªà¥‚र होती है, जिनमें à¤à¤‚टीऑकà¥à¤¸à¥€à¤¡à¥‡à¤‚ट गà¥à¤£ होते हैं, जैसे- पॉलीफेनोलà¥à¤¸ और फà¥à¤²à¥‡à¤µà¥‹à¤¨à¥‹à¤‡à¤¡à¥¤ ये पदारà¥à¤¥ आपकी मांसपेशियों को आराम पहà¥à¤à¤šà¤¾à¤¤à¥€ है और बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° लेवल को कम करने में मदद करती है। हालांकि, बीपी कंटà¥à¤°à¥‹à¤² करने के अलावा à¤à¥€ चाय के कई अनà¥à¤¯ फायदे à¤à¥€ हैं। आइये जानते हैं चाय पीने से और कà¥à¤¯à¤¾-कà¥à¤¯à¤¾ फायदे हो सकते हैं :
चाय को कम सोडियम वाले संतà¥à¤²à¤¿à¤¤ आहार और नियमित वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® के साथ लेने पर आपके बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° लेवलà¥à¤¸ को कम करने में मदद मिल सकती है।
रोजाना चाय पीने से आपके ‘खराब’ (low-density lipoprotein or LDL) कोलेसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‰à¤² के सà¥à¤¤à¤° को कम करने में मदद मिल सकती है, जिससे हृदय रोग का खतरा कम हो जाता है।
चाय में मौजूद à¤à¤‚टीऑकà¥à¤¸à¤¿à¤¡à¥‡à¤‚ट आपके रकà¥à¤¤ वाहिकाओं (blood vessels) की परत में à¤à¤‚डोथेलियल सेलà¥à¤¸ को नà¥à¤•सान से à¤à¥€ बचा सकते हैं। ये कà¥à¤°à¥‹à¤¨à¤¿à¤• इंफà¥à¤²à¤¾à¤®à¥‡à¤¶à¤¨ को कम करते हैं, जिसे अकà¥à¤¸à¤° हाई बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° के दौरान देखा जाता है।
नियमित चाय का सेवन आपके बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र लेवलà¥à¤¸ को सà¥à¤¥à¤¿à¤° करने में à¤à¥€ मदद कर सकता है, जिस वजह से यह डायबिटीज रोगियों के लिठà¤à¤• बढ़िया पेय विकलà¥à¤ª है।
हाई à¤à¤‚टीऑकà¥à¤¸à¥€à¤¡à¥‡à¤‚ट और कैटेचिन लेवलà¥à¤¸ वाली चाय, जैसे कि गà¥à¤°à¥€à¤¨ टी, आपको अधिक फैट बरà¥à¤¨ करने में मदद कर सकती है, और इस पà¥à¤°à¤•ार यह वजन घटाने में à¤à¥€ योगदान दे सकती है।
चाय में मौजूद à¤à¤‚टीऑकà¥à¤¸à¥€à¤¡à¥‡à¤‚ट आपके शरीर में कà¥à¤°à¥‹à¤¨à¤¿à¤• इंफà¥à¤²à¤¾à¤®à¥‡à¤¶à¤¨ और फà¥à¤°à¥€ रेडिकलà¥à¤¸ को à¤à¥€ कम कर सकती है।
रोजाना चाय पीने से, खासकर गà¥à¤°à¥€à¤¨ टी पीने से आपके मà¥à¤‚ह में कैविटी का कारण बनने वाले बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ को, दांत खराब होने, मà¥à¤‚ह से दà¥à¤°à¥à¤—ंध (सांसों की दà¥à¤°à¥à¤—ंध) और अनà¥à¤¯ मौखिक सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं को रोकने में मदद मिल सकती है।
चाय आपको सतरà¥à¤• बनाती है, बà¥à¤°à¥‡à¤¨ फंकà¥à¤¶à¤¨, डाइजेशन और इमà¥à¤¯à¥à¤¨à¤¿à¤Ÿà¥€ में à¤à¥€ सà¥à¤§à¤¾à¤° कर सकती है।
हाई बीपी वाले वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को à¤à¤• दिन में कितनी चाय पीनी चाहिà¤?
यदि आप जानना चाहते हैं कि बीपी पेशेंट को कितना चाय पीना चाहिà¤? तो बीपी पेशेंट को लिमिटेड मातà¥à¤°à¤¾ में ही चाय पीनी चाहिà¤à¥¤ आप डेली 1 से 2 छोटा कप तक चाय पी सकते हैं। अगर किसी को हाई बीपी के अलावा किसी तरह की सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ संबंधी समसà¥à¤¯à¤¾ है तो वे चाय की मातà¥à¤°à¤¾ को लेकर डॉकà¥à¤Ÿà¤° से सलाह ले सकते हैं
हाई बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° के लिठचाय पीने का सबसे अचà¥à¤›à¤¾ समय कà¥à¤¯à¤¾ है?
यहाठहम आपको बताà¤à¤à¤—े कि बीपी पेशेंट को चाय कब पीना चाहिà¤, हालांकि हाई बीपी के लिठचाय का सेवन करने का कोई निशà¥à¤šà¤¿à¤¤ समय नहीं है। आदरà¥à¤¶ रूप से, अपने बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° लेवलà¥à¤¸ को सà¥à¤Ÿà¥‡à¤¬à¤² रखने के लिठनाशà¥à¤¤à¥‡ के साथ 1 कप, शाम में या वरà¥à¤•आउट के बाद à¤à¤• कप चाय का सेवन कर सकते हैं। सोने से पहले कैफीन यà¥à¤•à¥à¤¤ चाय का सेवन करने से बचें, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि यह आपकी नींद की कà¥à¤µà¤¾à¤²à¤¿à¤Ÿà¥€ को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ कर सकती है।
बीपी कम करने के लिठचाय पीने का सबसे अचà¥à¤›à¤¾ तरीका कà¥à¤¯à¤¾ है?
अधिकांश हरà¥à¤¬à¤² चाय में नैचà¥à¤°à¤² रूप से कोई फैट या शà¥à¤—र नहीं होती है, जो बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र लेवल को कम करने के लिठमहतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ है। à¤à¤¸à¥‡ में नीचे बताठगठआसान तरीकों से आप अपनी डाइट में चाय को शामिल कर सकते हैं।
कोशिश करें कि आप चाय में किसी तरह का मीठा न मिलाà¤à¤‚। दरअसल, चीनी, शहद, गà¥à¤¡à¤¼, आदि से आपके शरीर में कà¥à¤°à¥‹à¤¨à¤¿à¤• इंफà¥à¤²à¤¾à¤®à¥‡à¤¶à¤¨ लेवलà¥à¤¸ बढ़ सकते हैं, जो बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° लेवलà¥à¤¸ को बà¥à¤¾ सकते हैं।
बिना दूध की चाय पीने की कोशिश करें। अपनी चाय में दूध या हाई फैट वाले डेयरी पà¥à¤°à¥‹à¤¡à¤•à¥à¤Ÿà¥à¤¸ को शामिल करने से आपके शरीर में कोलेसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‰à¤² और सैचà¥à¤°à¥‡à¤Ÿà¥‡à¤¡ फैटà¥à¤¸ बढ़ सकते हैं, जो आपकी आरà¥à¤Ÿà¤°à¥€à¥› को संकà¥à¤šà¤¿à¤¤ कर सकते हैं, जिससे बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° लेवलà¥à¤¸ बॠसकता है।
अपने बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° लेवल को नियंतà¥à¤°à¤£ में रखने के लिठबà¥à¤²à¥ˆà¤•, लेमन टी, गà¥à¤°à¥€à¤¨ और ओलॉनà¥à¤— टी, हिबिसà¥à¤•स टी जैसी हरà¥à¤¬à¤² टी पी सकते हैं।
यदि आपका दूध वाली चाय पीने का बहà¥à¤¤ मन है तो आप लो फैट या फैट फà¥à¤°à¥€ मिलà¥à¤• वाली चाय पी सकते हैं।
कà¥à¤¯à¤¾ अधिक चाय पीने से कोई जोखिम हो सकता है?
हर चीज के फायदे और नà¥à¤•सान दोनों होते हैं। à¤à¤¸à¥‡ में अगर चाय पीने के फायदे हैं, तो अधिक सेवन से इसके नà¥à¤•सान à¤à¥€ हो सकते हैं। ये नà¥à¤•सान कà¥à¤› इस पà¥à¤°à¤•ार हैं:
बà¥à¤²à¥ˆà¤•, गà¥à¤°à¥€à¤¨ और ओलॉनà¥à¤— टी में मौजूद कैफीन सिरदरà¥à¤¦, चिड़चिड़ापन, चिंता, चकà¥à¤•र आना, बार-बार पेशाब आना, डिहाइडà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨, दिल की धड़कन का अनियमित होना और नींद न आने का कारण बन सकता है।
कैमेलिया साइनेंसिस की पतà¥à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ से बनी चाय का अधिक सेवन करने से आपके पेट में जलन और à¤à¤¸à¤¿à¤¡à¤¿à¤Ÿà¥€ हो सकती है।
बà¥à¤²à¥ˆà¤•, गà¥à¤°à¥€à¤¨ और ओलॉनà¥à¤— टी में मौजूद कैटेचिन आपकी आंत में आयरन और कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® के अवशोषण में बाधा डाल सकते हैं।
गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ या सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ कराने वाली महिलाओं को हिबिसà¥à¤•स चाय रेकमेंड नहीं की जाती है।
हिबिसà¥à¤•स टी आपके दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ ली जा रही किसी à¤à¥€ दवाई जैसे मौखिक हाइपोगà¥à¤²à¤¾à¤‡à¤¸à¥‡à¤®à¤¿à¤•, à¤à¤‚टी-हाइपरटेनà¥à¤¸à¤¿à¤µ दवाà¤à¤‚, à¤à¤‚टीबायोटिकà¥à¤¸, सपà¥à¤²à¥€à¤®à¥‡à¤‚ट आदि के साथ मिलकर कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ (interact) कर सकती है। इसलिà¤, हिबिसà¥à¤•स चाय पीने से पहले अपने हेलà¥à¤¥à¤•ेयर पà¥à¤°à¥‹à¤µà¤¾à¤‡à¤¡à¤° से सलाह अवशà¥à¤¯ लेनी चाहिà¤à¥¤
बहà¥à¤¤ अधिक गà¥à¤°à¥€à¤¨ टी या गà¥à¤¡à¤¼à¤¹à¤² की चाय पीने से कà¥à¤› लोगों में लिवर खराब होने की समà¥à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ बॠसकती है।
इस लेख को पà¥à¤¨à¥‡ के बाद आपको कà¥à¤²à¤¿à¤¯à¤° हो गया होगा कि हाई बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° में चाय पीना चाहिठया नहीं। यदि आपको चाय पीने की जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ आदत है और आपको हाई बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° है तो आप ऊपर बताठगठहरà¥à¤¬à¤² टी का सेवन कर सकते हैं, ये आपके बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° लेवलà¥à¤¸ को सà¥à¤¥à¤¿à¤° रखने में मदद कर सकती हैं।
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